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Stream/Area:
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Subject:
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Paper ID:
IJSREM67322
Volume:
10 |
9 |
Sep 2026
Pages:
1-9
Publication Frequency:
Monthly (12 issues per year)
License:International Journal of Scientific Research in Engineering and Management follows the Creative Commons Attribution 4.0 (CC BY 4.0) License, allowing free use and distribution with proper attribution.
Business Management
जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर
Business Management
जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर
प्रस्तुत अध्ययन “ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास पर उनका प्रभाव: एक अनुभवजन्य अध्ययन” विषय पर आधारित है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में उद्यमियों के बीच विभिन्न सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति जागरूकता का अध्ययन करना तथा इस जागरूकता के व्यवसाय एवं उद्योगों के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना है। सरकारी योजनाएँ वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा, तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास, विपणन सहायता तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के माध्यम से व्यवसायिक विकास को गति प्रदान करती हैं। हालांकि, इन योजनाओं की प्रभावशीलता काफी हद तक उद्यमियों की जानकारी और योजनाओं तक उनकी पहुँच पर निर्भर करती है। अध्ययन में 200 उद्यमियों से संरचित प्रश्नावली के माध्यम से प्राथमिक आँकड़े एकत्रित किए गए। अध्ययन में प्रतिशत विश्लेषण, सहसंबंध एवं प्रतिगमन जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग किया गया। परिणामों से पता चला कि 49 प्रतिशत उत्तरदाता सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक योजनाओं के प्रति अधिक या बहुत अधिक जागरूक हैं, जबकि 26 प्रतिशत की जागरूकता मध्यम तथा 25 प्रतिशत की जागरूकता कम या बहुत कम पाई गई। सरकारी योजनाओं की जानकारी के प्रमुख स्रोतों में सरकारी विभाग, इंटरनेट एवं सामाजिक माध्यम तथा बैंक एवं वित्तीय संस्थाएँ प्रमुख रहे। सहसंबंध विश्लेषण में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास के मध्य 0.674 का धनात्मक संबंध पाया गया। प्रतिगमन विश्लेषण में R² = 0.482 प्राप्त हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि व्यवसायिक विकास में लगभग 48.2 प्रतिशत परिवर्तन अध्ययन में सम्मिलित जागरूकता संबंधी कारकों द्वारा समझाया जा सकता है। योजना जागरूकता का मानकीकृत गुणांक 0.42 रहा, जो इसे व्यवसायिक विकास का महत्वपूर्ण प्रभावकारी कारक दर्शाता है। अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है कि सरकारी नीतियों एवं योजनाओं के प्रति बेहतर जागरूकता उद्यमियों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं तक पहुँच बनाने तथा व्यवसायिक विकास को बढ़ाने में सहायता करती है। अतः योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल सूचना व्यवस्था, सरल आवेदन प्रक्रिया तथा सरकारी विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं के मध्य बेहतर समन्वय आवश्यक है।
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अध्ययन के आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता व्यवसाय एवं उद्योगों के विकास से महत्वपूर्ण रूप से संबंधित है। उच्च जागरूकता वाले उद्यमियों के लिए सरकारी सहायता, वित्तीय सुविधाओं तथा अन्य संस्थागत अवसरों तक पहुँच बनाने की संभावना अधिक दिखाई देती है। अध्ययन के दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए यह पाया गया कि सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का स्तर व्यवसायिक विकास के साथ सकारात्मक रूप से जुड़ा है। इसलिए सरकारी विभागों को स्थानीय उद्यमियों के लिए नियमित जागरूकता शिविर, सरल भाषा में योजना संबंधी जानकारी, डिजिटल सूचना प्रणाली तथा सहायता केंद्र विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही बैंकों, उद्योग संगठनों एवं सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। इससे योजनाओं की जानकारी और वास्तविक लाभ के बीच की दूरी कम होगी तथा ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में व्यवसाय एवं उद्योगों के अधिक समावेशी एवं सतत विकास को प्रोत्साहन मिल सकेगा।
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9/28/2026
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Double-Blind Peer Review
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