Crossref DOIMemberCiteFactoropen accessissn
SJIF Impact Factor 8.659 | ISSN: 2582-3930
IJSREM Logo

International Journal of Scientific Research in Engineering and Management

(Gateway to Global Scholars - An International, Scholarly, Multi-Disciplinary, Open Access Journal)

Peer-Reviewed Journal Designed to Meet UGC's Quality Parameters

HomeCurrent IssuePast IssuesPay OnlineConferencesEditorial BoardAbout UsContact Us
IJSREM

Loading article...

Follow Us

  • Google Scholar
  • ResearchGate
  • Academia.edu
  • Mendeley
  • LinkedIn
  • Facebook
  • Instagram

Journal Policies

  • Peer Review Policy
  • Publication Ethics
  • Copyright Infringement
  • Refund & Cancellation Policy
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy

Journal Identifiers & Licenses

  • ISSN Verified: 2582-3930ISSN Verified: 2582-3930
  • Crossref DOI: 10.55041Crossref DOI: 10.55041
  • SJIF Ranking: 08.659SJIF Ranking: 08.659
  • Licensed under CC BY 4.0Licensed under CC BY 4.0
  • ISO Certification: 9001:2015ISO Certification: 9001:2015
  • Indexed & Cited In: Google ScholarIndexed & Cited In: Google Scholar

Contact Us

International Journal of Scientific Research in Engineering and Management (IJSREM)

#62/1, New No 7, 1st Cross, 2nd Main, Ganganagar, R T Nagar, Bangalore North, Bangalore, Karnataka, India – 560032
[email protected]+91 93911 67991
logos
logos
Working Hours

Mon – Sat: 9:00 AM – 6:00 PM

Sunday: 10:00 AM – 4:00 PM

+91 93911 67991

© 2026 IJSREM – International Journal of Scientific Research in Engineering and Management. This is an open-access journal. Articles are published under the Creative Commons Attribution (CC BY 4.0) License, which permits unrestricted use, distribution, and reproduction in any medium, provided the original work is properly cited.

DisclaimerPrivacy PolicyTerms and Conditions
ArticlePeer ReviewedOpen AccessPlagiarism Passed
Paper ID:IJSREM67322

ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास पर उनका प्रभाव: एक अनुभवजन्य अध्ययन

Stream/Area:

-

Subject:

-

Paper ID:

IJSREM67322

Volume:

10 |

9 |

Sep 2026

Pages:

1-9

Publication Frequency:

Monthly (12 issues per year)

DOI
Digital Object Identifier
10.55041/IJSREM67322

License:International Journal of Scientific Research in Engineering and Management follows the Creative Commons Attribution 4.0 (CC BY 4.0) License, allowing free use and distribution with proper attribution.

Share this article:

Authors

रक

रोहित करैया

Business Management

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

Download Author Certificate
डमश

डॉ. मेघना शर्मा

Business Management

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

Download Co-Author Certificate

Author Services & Downloads

Full ArticlesAcceptance Certificate

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन “ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास पर उनका प्रभाव: एक अनुभवजन्य अध्ययन” विषय पर आधारित है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में उद्यमियों के बीच विभिन्न सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति जागरूकता का अध्ययन करना तथा इस जागरूकता के व्यवसाय एवं उद्योगों के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना है। सरकारी योजनाएँ वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा, तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास, विपणन सहायता तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के माध्यम से व्यवसायिक विकास को गति प्रदान करती हैं। हालांकि, इन योजनाओं की प्रभावशीलता काफी हद तक उद्यमियों की जानकारी और योजनाओं तक उनकी पहुँच पर निर्भर करती है। अध्ययन में 200 उद्यमियों से संरचित प्रश्नावली के माध्यम से प्राथमिक आँकड़े एकत्रित किए गए। अध्ययन में प्रतिशत विश्लेषण, सहसंबंध एवं प्रतिगमन जैसी सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग किया गया। परिणामों से पता चला कि 49 प्रतिशत उत्तरदाता सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक योजनाओं के प्रति अधिक या बहुत अधिक जागरूक हैं, जबकि 26 प्रतिशत की जागरूकता मध्यम तथा 25 प्रतिशत की जागरूकता कम या बहुत कम पाई गई। सरकारी योजनाओं की जानकारी के प्रमुख स्रोतों में सरकारी विभाग, इंटरनेट एवं सामाजिक माध्यम तथा बैंक एवं वित्तीय संस्थाएँ प्रमुख रहे। सहसंबंध विश्लेषण में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास के मध्य 0.674 का धनात्मक संबंध पाया गया। प्रतिगमन विश्लेषण में R² = 0.482 प्राप्त हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि व्यवसायिक विकास में लगभग 48.2 प्रतिशत परिवर्तन अध्ययन में सम्मिलित जागरूकता संबंधी कारकों द्वारा समझाया जा सकता है। योजना जागरूकता का मानकीकृत गुणांक 0.42 रहा, जो इसे व्यवसायिक विकास का महत्वपूर्ण प्रभावकारी कारक दर्शाता है। अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है कि सरकारी नीतियों एवं योजनाओं के प्रति बेहतर जागरूकता उद्यमियों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं तक पहुँच बनाने तथा व्यवसायिक विकास को बढ़ाने में सहायता करती है। अतः योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल सूचना व्यवस्था, सरल आवेदन प्रक्रिया तथा सरकारी विभागों एवं वित्तीय संस्थाओं के मध्य बेहतर समन्वय आवश्यक है।

KEYWORDS

सरकारी नीतियाँ सरकारी योजनाएँ उद्यमी जागरूकता व्यवसायिक विकास औद्योगिक विकास सूक्ष्म एवं लघु उद्योग ग्वालियर-चम्बल सम्भाग अनुभवजन्य अध्ययन।

Cite This Article

रोहित करैया, डॉ. मेघना शर्मा, "ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता एवं व्यवसायिक विकास पर उनका प्रभाव: एक अनुभवजन्य अध्ययन," International Journal of Scientific Research in Engineering and Management, vol. 10, no. 9, pp. 1-9, Sep 2026. https://doi.org/10.55041/IJSREM67322

Full Article/Conclusion

अध्ययन के आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में सरकारी औद्योगिक एवं व्यावसायिक नीतियों तथा योजनाओं के प्रति उद्यमियों की जागरूकता व्यवसाय एवं उद्योगों के विकास से महत्वपूर्ण रूप से संबंधित है। उच्च जागरूकता वाले उद्यमियों के लिए सरकारी सहायता, वित्तीय सुविधाओं तथा अन्य संस्थागत अवसरों तक पहुँच बनाने की संभावना अधिक दिखाई देती है। अध्ययन के दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए यह पाया गया कि सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का स्तर व्यवसायिक विकास के साथ सकारात्मक रूप से जुड़ा है। इसलिए सरकारी विभागों को स्थानीय उद्यमियों के लिए नियमित जागरूकता शिविर, सरल भाषा में योजना संबंधी जानकारी, डिजिटल सूचना प्रणाली तथा सहायता केंद्र विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही बैंकों, उद्योग संगठनों एवं सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। इससे योजनाओं की जानकारी और वास्तविक लाभ के बीच की दूरी कम होगी तथा ग्वालियर-चम्बल सम्भाग में व्यवसाय एवं उद्योगों के अधिक समावेशी एवं सतत विकास को प्रोत्साहन मिल सकेगा।

References

1.    चुण्डक्कडन, आर., एवं ससीधरन, एस. (2020). वित्तीय बाधाएँ, सरकारी सहायता और फर्म नवाचार: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से अनुभवजन्य साक्ष्य। नवाचार एवं विकास, 10(3), 279–301. https://doi.org/10.1080/2157930X.2019.1594680 2.    चुण्डक्कडन, आर., नटराजन, आर. आर., एवं ससीधरन, एस. (2022). कोविड-19 के दौरान लघु फर्में: वित्तीय बाधाएँ एवं सरकारी सहायता की भूमिका। इकोनॉमिक नोट्स, 51, e12206. https://doi.org/10.1111/ecno.12206 3.    चुण्डक्कडन, आर., एवं ससीधरन, एस. (2023). महामारी संकट के दौरान सरकारी सहायता, ई-वाणिज्य और फर्म नवाचार की भूमिका। इकोनॉमिक एनालिसिस एंड पॉलिसी, 78, 904–913. https://doi.org/10.1016/j.eap.2023.04.021 4.    जोशी, के., भारती, आर., एवं डांगवाल, आर. सी. (2021). उत्तराखंड में लघु उद्यमियों की सरकारी सहायता के प्रति धारणा। लघु उद्यम विकास, प्रबंधन एवं विस्तार पत्रिका, 48(1), 28–46. https://doi.org/10.1177/09708464211054881 5.    तलकर, पी. आर., शेख, एस., एवं खान, ए. ए. (2024). मुंबई में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर सरकारी वित्तीय योजनाओं की जागरूकता, पहुँच एवं धारणा का अध्ययन। शोध एवं वित्तीय प्रबंधन का अंतरराष्ट्रीय जर्नल. https://doi.org/10.33545/26175754.2021.v4.i1a.96 6.    सजना, वी., एवं धर्मराज, ए. (2024). सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के उद्यमियों में केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं की जागरूकता: एक अन्वेषणात्मक अध्ययन। भारतीय सूचना स्रोत एवं सेवा पत्रिका, 14(3), 115–122. https://doi.org/10.51983/ijiss-2024.14.3.16 7.    साकिब, एम. एन., एवं रहमान, एम. एम. (2024). कोविड-19 के प्रभाव को कम करने में सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप एवं लघु तथा मध्यम उद्यम: व्यवस्थित साहित्य समीक्षा एवं ग्रंथसूची विश्लेषण। फ्यूचर बिजनेस जर्नल, 10(1), 1–11. https://doi.org/10.1186/s43093-024-00346-0 8.    सिंह, एन., मुंजाल, एस., कुंडू, एस., एवं रंगराजन, के. (2023). छोटे उद्यमों के मंच-आधारित अंतरराष्ट्रीयकरण में सरकारी नीति की भूमिका। मैनेजमेंट इंटरनेशनल रिव्यू, 63(1), 91–115. https://doi.org/10.1007/s11575-022-00492-z 9.    कूकर, के., एवं मेहता, एम. सी. (2022). भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के उत्थान के लिए चयनित सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की समीक्षा। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन इंजीनियरिंग, साइंस एंड मैनेजमेंट, 5(4), 16–19. 10. जैकब, ए., हरिणी, एम., नोआ, आर. एस., प्रभा, डी. डी., एवं मथिपुरानी, वी. बी. (2021). महिला उद्यमियों में भारतीय सरकारी एमएसएमई योजनाओं के प्रति जागरूकता का अध्ययन। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन फाइनेंस एंड मैनेजमेंट, 4(1), 42–46. https://doi.org/10.33545/26175754.2021.v4.i1a.96

Editorial & Review Transparency

Publication Date

9/28/2026

Peer Review Type

Double-Blind Peer Review

Review Rounds: 2

Documents

Review Report (Confidential)
Copyright Form (Office)

Article Metrics & Impact

Article Views

0

Total views since publication

PDF Downloads

2

Total downloads since publication

Geographic Reach

5

Indexing, Archiving & Preservation

Google Scholar
Academia
ResearchGate
Crossref
SSRN
Semantic Scholar
Thomson Reuters
WorldCat
Mendeley
OpenAlex
EBSCO
Zenodo

Digital Preservation: This article is permanently archived on Zenodo and complies with all data preservation standards across major indexing platforms.

Ethics, Compliance & Transparency

Plagiarism Screening

This manuscript has been checked for plagiarism using TurnitinPlagiarismChecker software.

Conflict of Interest

The authors declare no conflict of interest related to this research work.

Funding Information

No funding information available for this research.

Similar & Recommended Articles

Similar Articles by Topic

Related research in the same subject area

Loading similar articles...